रुपये, डॉलर, पाउंड की तरह, बिटकॉइन भी एक करेंसी है जिसे आप ऑनलाइन इस्तेमाल कर सकते हैं।

बिटकॉइन एक डिजिटल करेंसी है जिसे "क्रिप्टोकरेंसी" कहा जाता है। इसे छुआ नहीं जा सकता है और यह आपके डिजिटल वॉलेट में जमा रहती है। 

किसी भी देश की करेंसी उस देश की सरकार द्वारा नियंत्रित होती है। आपके सभी लेन-देन पर बैंकों का नियंत्रण होता है लेकिन बिटकॉइन पर किसी का नियंत्रण नहीं होता क्योंकि किसी भी देश की कोई सरकार या बैंक ने बिटकॉइन को नहीं बनाया। 

बिटकॉइन को Decentralized करेंसी भी कहा जाता है क्योंकि यह किसी व्यक्ति, कंपनी, सरकार या देश द्वारा नियंत्रित नहीं होती है। 

बिटकॉइन का आविष्कार सतोशी नाकामोटो ने किया है । यह व्यक्ति कौन है यह कोई नहीं जानता। सतोशी नाकामोटो यह एक उपनाम है। 

बिटकॉइन में Blockchain टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। Decentralized Currency, App, Website, Smart Contracts जैसी कई चीजें ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके बनाई जा रही हैं। 

Blockchain टेक्नोलॉजी को हैक करना लगभग असंभव माना जाता है और इसके कई फायदे हैं। यह टेक्नोलॉजी कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती है। 

बिटकॉइन किसने और किसके पास भेजा, यह कोई नहीं जान सकता। यदि आप किसी को बिटकॉइन भेजते हैं, तो लेन-देन केवल आपको और उस व्यक्ति को ही पता होती है, किसी तीसरे पक्ष को नहीं, जैसे कि बैंक या Government 

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बिटकॉइन की कीमतों में नाटकीय रूप से उतार-चढ़ाव होता है। 2010 में एक बिटकॉइन की कीमत 7 रुपये थी और 2021-22 में एक बिटकॉइन की कीमत 40 लाख रुपये के आसपास है। 

कई लोगों ने बिटकॉइन में निवेश करके करोड़ों रुपये कमाए हैं लेकिन बिटकॉइन में बहुत बड़ा जोखिम है। कीमत कभी भी ऊपर या नीचे जा सकती हैं। आपके सारे पैसे डूब भी सकते है। 

बिटकॉइन के लिए बहुत अधिक बिजली की आवश्यकता होती है, इसलिए बिटकॉइन ग्लोबल वार्मिंग का कारण बन रहा है, और इसलिए बिटकॉइन की टेक्नोलॉजी में सुधार की आवश्यकता है। 

बिटकॉइन जैसी लगभग 8000 क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में उपलब्ध हैं जैसे की Ethereum, Cardano, Solana, Binance Coin, Tether