1. Sole Proprietorship

यह एक प्रकार का व्यवसाय है जिसमें एक व्यक्ति या “Single Individual” व्यवसाय का मालिक होता है। Business की सारी जिम्मेदारी उस एक “मालिक” की होती है।

2. General Partnership

यह व्यवसाय का एक ऐसा प्रकार है जिसमें दो या उससे अधिक लोग एक साथ आते हैं और व्यवसाय शुरू करते हैं और Operate करते हैं। इसमें कम से कम 2 और अधिक से अधिक 20 सदस्य हो सकते हैं। 

3. Limited Liability Partnership

इस पार्टनरशिप में कुछ पार्टनर यह सभी पार्टनर की Liability लिमिटेड होती है जिसका अर्थ यह है की पार्टनर बिजनेस के कर्ज और नुकसान के लिए वैयक्तिक रूप से जिम्मेदार नहीं होते है। 

4. Private Limited Company

Private Limited Company का कानूनी रूप से एक स्वतंत्र अस्तित्व होता है इस प्रकार के व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन Company Act, 2013 के तहत किया जाता है। इसमें कम से कम दो और अधिक से अधिक 200 सदस्य हो सकते हैं। 

5. Public Limited Company

Public Limited Company का कोई भी एक व्यक्ति मालिक नहीं होता है कंपनी के Shareholders ही कंपनी के असली मालिक होते हैं। आम जनता भी पब्लिक लिमिटेड कंपनी के Shares खरीद सकती है। 

6. Hindu Undivided Family

इस प्रकार का व्यवसाय केवल भारत में ही पाया जाता है। इस प्रकार का व्यवसाय Hindu Law द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इस तरह का व्यवसाय “अविभाजित हिंदू परिवार” के सदस्यों द्वारा शुरू और ऑपरेट किया जाता है। 

7. Co-operative Society

इस प्रकार के व्यवसाय में लोग समान लाभ और समान उद्देश्यों के लिए एक साथ आते हैं और इस प्रकार का व्यवसाय शुरू करते हैं। Co-Operative Society को हिंदी में “सहकारी समिति” भी कहा जाता है।

8. One Person Company

अगर आपको अकेले कोई बिजनेस शुरू करना है तो यह एक और व्यवसाय का प्रकार है जिसका आप इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें व्यवसाय का मालिक कर्ज और नुकसान के लिए वैयक्तिक रूप से जिम्मेदार नहीं होता है।