फ्रैंचाइज़ी क्या होती है, प्रकार, फायदे और Franchise कैसे शरू करे ? | Franchise Business In Hindi

Franchise kya hai | Franchise kya hota hai | franchise business in hindi | फ्रैंचाइजी क्या है | फ्रैंचाइज़ी कैसे लेते हैं? | what is franchise business in hindi

आजकल हर कोई खुद का बिजनेस शुरू करना चाहता है। उसके सामने कई ऑप्शन होते हैं और फ्रेंचाइजी बिजनेस उनमें से ही एक है।  कम से कम समय में और निवेश में आप एक बड़े Brand की फ्रेंचाइजी ले सकते हैं और लाखों रुपए कमा सकते हैं।

एक बड़ा ब्रांड बनाने के लिए काफी समय और पैसे लगते हैं। अगर एक आम इंसान शुरुआत से शुरू करें तो उसे कई साल लगेंगे लेकिन अगर वो इंसान किसी बड़ी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेता है तो वह उस बड़े कंपनी या ब्रांड की शाखा अपने शहर में खोल सकता है और उस कंपनी के प्रोडक्ट बेचकर अच्छे पैसे कमा सकता है।

जब आप खुद की कंपनी शुरू करते हो तो आपको अपने प्रोडक्ट की Manufacturing, Branding, Marketing, Advertising और ऐसी कई अन्य चीजों का ध्यान रखना पड़ता है।

लेकिन अगर आप किसी बड़ी कंपनी या Brand की फ्रेंचाइजी लेते है तो आपको इनमें से किसी भी चीज की ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती है।

आप बिल्कुल थोड़ी सी मार्केटिंग करके भी इससे अच्छा पैसा कमा सकते है क्योंकि बड़े Brand को लोग पहले से ही जानते है और उस Brand का सिर्फ नाम देखकर ही वे उनके प्रोडक्ट खरीद लेते है।

आज इस पोस्ट में हम जानेंगे कि फ्रेंचाइजी क्या है?, फ्रेंचाइजी के प्रकार, फ्रेंचाइजी कैसे लेते हैं?, फ्रेंचाइजी बिजनेस के फायदे और नुकसान है।

franchise kya hai
Contents

फ्रैंचाइज़ी क्या है ? ( Franchise kya hota hai )

फ्रैंचाइज़ी बड़ी कंपनी के द्वारा दिया जाने वाला एक Legal अधिकार है जिसके तहत आप उस कंपनी का नाम और ट्रेडमार्क इस्तेमाल कर के उनके प्रोडक्ट्स को मार्किट में बेच सकते है। 

बिजनेस में Competition काफी बढ़ चुकी है। ऐसी कोई भी कंपनी या बिजनेस नहीं है जिसमें स्पर्धा ना हो। बड़ी से बड़ी कंपनी और ब्रांड को भी स्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

और इसलिए बिजनेस में आगे बढ़ने के लिए और अपने Competitors को मात देने के लिए कंपनियां अलग-अलग बिजनेस मॉडल का इस्तेमाल करती हैं और फ्रैंचाइजी Model उनमें से एक है।

यह कंपनियां अलग-अलग स्थानीय लोगों को अपने ब्रांड की फ्रेंचाइजी देते हैं जिसमें वह लोग कंपनी के प्रोडक्ट्स Officially बेच सकते हैं। वह लोग कंपनी के नाम से दुकान शुरू कर सकते है और दुकान में कंपनी के प्रोडक्ट्स बेच सकते हैं।

फ्रैंचाइज़ी के प्रकार  (Types of Franchise In Hindi )

फ्रेंचाइजी के कई प्रकार होते हैं लेकिन मुख्य रूप से तीन प्रकार की फ्रेंचाइजी कंपनी के तरफ से दी जाती है। अलग-अलग प्रकार के फ्रेंचाइजी की अलग-अलग विशेषताएं और नियम होते है। 

1. Business Format Franchise

इस प्रकार की फ्रेंचाइजी काफी सामान्य (Common) है l ज्यादातर कंपनियां इसी प्रकार की फ्रेंचाइजी देती है। इस प्रकार की फ्रेंचाइजी में आपको कंपनी का Brand Name, Trademark और बिजनेस करने के तरीके का भी इस्तेमाल करना होता है।

साथ में आपको कंपनी से मिले दिशा-निर्देश का भी पालन करना होता है। इसमें आपको बिजनेस से संबंधित कई नियमों का भी पालन करना होता है। बिजनेस शुरू करते समय और चलाते समय कंपनी आपको पूरा मार्गदर्शन देती है।

For Ex – Amul आइसक्रीम की फ्रैंचाइज़ी

अमूल की फ्रैंचाइज़ी लेने का सबसे आसान तरीका जानने के लिए Amul की फ्रैंचाइज़ी कैसे ले ? यह पोस्ट पढ़े।

2. Product Distribution Franchise

इस प्रकार के फ्रेंचाइजी में कंपनी आपको अपने प्रोडक्ट बेचने की अनुमति देती है लेकिन बिजनेस शुरू करते समय या चलाते समय आपको किसी भी प्रकार की मदद नहीं करती।

आप कंपनी के ब्रांड नेम का इस्तेमाल कर सकते हैं और आप जैसे चाहे वैसे बिजनेस कर सकते हैं। आपके बिजनेस करने के तरीके से कंपनी को कोई भी मतलब नहीं होता। कंपनी द्वारा आपको कोई भी दिशा-निर्देश नहीं दिया जाता। 

3. Product Manufacturing Franchise

इस प्रकार की फ्रेंचाइजी में कंपनी आपको कंपनी के नाम और ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर के प्रोडक्ट्स Manufacturer करने की और उन्हें मार्केट में बेचने की अनुमति देती है।

कई प्रकार की कंपनियां इस प्रकार की फ्रेंचाइजी देती है जैसे कि Packaged Food बनाने वाली कंपनी, पानी बोतल की कंपनी।

फ्रेंचाइजी कैसे लेते हैं? ( Franchise kaise lete hain )

आप जिस भी कंपनी की या ब्रांड की फ्रैंचाइज़ी लेना चाहते है, उस कंपनी से संपर्क करके आप फ्रैंचाइज़ी लेने की सम्पूर्ण प्रक्रिया जान सकते है। निचे मै आपको कुछ Steps दे रहा हु। इन Steps को Follow कर के आप किसी भी कंपनी की Franchise ले सकते है।

अपनी Investment की क्षमता को समझें 

किसी भी अच्छी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए आपको एक शुल्क देना पड़ता है। हर कंपनी का शुल्क अलग अलग होता है कुछ कंपनी की फ्रैंचाइज़ी काफी महँगी होती है तो कुछ कंपनी की तुलना में सस्ती होती है। 

अगर आप में बिज़नेस करने की उत्तम क्षमता है और आपका Communication स्किल अच्छा है तो आप वह फ्रैंचाइज़ी शुल्क काम भी कर सकते है।

उस फ्रैंचाइज़ी की रॉयल्टी फी कितनी है यह भी आपको समझना है। कुछ कंपनियां अपने प्रोडक्ट के बेचने पर जो लाभ होता है उस में से कुछ प्रतिशत कमीशन लेती है। अगर ऐसा है तो वह कमीशन कितना है यह भी आपको समझना है।

इसलिए सबसे पहले आपको आपकी इन्वेस्टमेंट करने की क्षमता कितनी है, यह समझना काफी जरूरी है क्योंकि इसी के आधार पर आपको एक कंपनी का चयन करना होगा। 

और यह क्षमता देखते समय आपको कई चीजों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे की अगर एक कंपनी की फ्रैंचाइज़ी लेने के लिए २ लाख रूपये की जरूरत है और अगर आपके पास भी सिर्फ २ लाख ही है तो आपको बिलकुल भी उस कंपनी की फ्रैंचाइज़ी नहीं लेनी चाहिए। 

लेकिन ऐसा क्यों ?

ऐसा इसलिए की कोई भी बिजनेस शुरू करते समय हमें दो प्रकार के खर्चों को ध्यान में लेना जरूरी है, Capital Expenses और Operating Expenses. 

  1. Capital Expenses – फ्रैंचाइज़ी शुरू करने के लिए जो शुरुवात में खर्च आएगा वह इसमें आता है जैसे की मशीन, Equipment, फ्रैंचाइज़ी की Fee etc. 
  2. Operating Expenses – एक फ्रैंचाइज़ी को Operate करने के लिए या चलाने के लिए जो खर्च आता है वह इसमें आता है जैसे की दुकान का किराया, Employee की पेमेंट, लाइटबिल etc.

आपको इन दोनों खर्चो को ध्यान में रखकर एक फ्रैंचाइज़ी लेनी है।

संशोधन करे

आपकी इन्वेस्टमेंट की क्षमता के अनुसार आपको कोनसी अच्छी कंपनी की फ्रैंचाइज़ी मिल सकती है वह आपको ढूंढ़ना है। आप अलग अलग पर्यायो का विचार कर सकते है।

आपके शहर या इलाके में किस कंपनी  के प्रोडक्ट्स की जरूरत और डिमांड है यह भी आपको देखना है। 

और उसके बाद ही आप किसी कंपनी की फ्रैंचाइज़ी आपके लिए सर्वोत्तम है या नहीं यह सुनिश्चित कर सकते है।

फ्रेंचाइजी लेने के लिए नियम एवं शर्तों को समझे

कोई भी फ्रैंचाइज़ी लेने से पहले उस कंपनी के नियम और शर्तो को ध्यान से समज ले कई बार आपको एक फ्रैंचाइज़ी अच्छी लगेगी लेकिन जब आप उस कंपनी के नियम और Policies समझेंगे तब आपको बहुत सी कमिया नजर आएंगी तो उन्हें भी समझ लेना अत्यंत आवश्यक है।

  • उस कंपनी की फ्रैंचाइज़ी लेने के लिए जो भी Requirements है, वह क्या है? और क्या आप वह Requirement पूरी कर सकते है ? जैसे की उसके लिए कितनी जमीन या जगह चाहिए ?, कौन से रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस चाहिए ?
  • कुछ फ्रैंचाइज़ी के लिए आपको आपकी दुकान का कंपनी के हिसाब से Renovation करना होता है तो उसे भी आपको समझना जरूरी है।
  • कंपनी के नियमों का पालन करते हुए क्या आप उस फ्रेंचाइजी से पैसे कमा सकते हैं ? यह आपको समझना है।

कंपनी से संपर्क करके ये सभी जानकारी आप प्राप्त कर सकते हैं।

फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस के लिए जरूरी दस्तऐवज

Franchise Agreement – यह कंपनी और फ्रेंचाइजी लेने वाले के बीच में एक Legal Contract होता है जिसके तहत कंपनी फ्रेंचाइजी लेने वाले को कंपनी का नाम और ट्रेडमार्क इस्तेमाल करके Products और Services बेचने की अनुमति देती है। इस contract मैं बिजनेस से संबंधित सभी चीजें लिखित रूप में होती है और इस Agreement पर कंपनी और आपके Signature होती है।

Franchise Disclosure Document (FDD) – यह एक legal डॉक्यूमेंट है जो कंपनी की तरफ से फ्रेंचाइजी लेने वाले को दी जाती है। इस डॉक्यूमेंट में कंपनी की और उसके फ्रेंचाइजी सिस्टम की संपूर्ण जानकारी होती है जैसे कि फ्रेंचाइजी लेने की शुरुवाती Fees कितनी है, फ्रेंचाइजी कैसे चलानी है, आपको कौन सी ट्रेनिंग दी जाएगी, फ्रैंचाइजी की पॉलिसी क्या है और कौन-कौन से नियम है।

Operations Manual – इसमें आपको फ्रेंचाइजी कैसे चलानी है इसका मार्गदर्शन दिया जाता है। जब आप एक मोबाइल खरीदते हैं तो उसके साथ आपको एक यूजर मैन्युअल मिलता है जिसमें मोबाइल कैसे चलाना है इसकी संपूर्ण जानकारी होती है उसी तरह जब आप एक फ्रेंचाइजी लेते हैं तो उससे संबंधित सारे काम कैसे करने हैं इसकी संपूर्ण जानकारी इस Operations Manual में दी जाती है जैसे कि फ्रैंचाइजी Operate करने की प्रोसेस क्या है, Suppliers की जानकारी, मार्केटिंग। यह एक How To Guide होता है।

फ्रैंचाइज़ी के लिए अप्लाई करे

आप जिस कंपनी भी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेना चाहते हैं उस कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आप फ्रेंचाइजी के लिए अप्लाई कर सकते हैं या फिर आपको वहां पर उस कंपनी के Contact Details जैसे कि फोन नंबर और Email Address जैसी चीजें भी मिल जाएंगी जिनके जरिए आप उस कंपनी से संपर्क करके फ्रेंचाइजी लेने की प्रोसेस समझ सकते हैं। 

यहां पर आपको एक चीज का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है के कई लोग फ्रेंचाइजी देने के नाम पर आप को बेवकूफ बनाते हैं और आपसे पैसे लेकर भाग जाते है। कई लोग आपको सस्ते में फ्रेंचाइजी देने का लालच देकर आप को बेवकूफ बनाते हैं।

इसलिए आपको सतर्क रहकर यह काम करना है।

फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस के फायदे ( Benefits of Franchise Business In Hindi )

Franchise Business शुरू करने का फायदा कंपनी को भी होता है और फ्रेंचाइजी लेने वाले को भी होता है।

फ्रेंचाइजी लेने वाले को होने वाले फायदे – ( Franchisee Benefits In Hindi )

  • अगर कोई व्यक्ति एक कंपनी की शुरुआत करता है तो उस कंपनी को बड़ा करने के लिए काफी समय और लागत की आवश्यकता होती है लेकिन अगर किसी बड़े ब्रैंड की फ्रेंचाइजी लेता है तो उसे शुरुआत से ही उस Brand का फायदा मिलता है।
  • आप कम से कम मार्केटिंग करके ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट कमा सकते हैं क्योंकि बड़े ब्रांड को लोग पहले से ही अच्छे से जानते हैं और उनके इस बड़े कस्टमर बेस का आपको Directly फायदा मिलता है।
  • आपको बिजनेस करते वक्त उस बड़े ब्रांड से मार्गदर्शन भी मिलता है जिससे आपको काफी फायदा होता है।
  • जब आप एक नया बिजनेस शुरू करते हो तो आपको काफी चीजों को संभालना पड़ता है जैसे कि Manufacturing, Marketing, Advertising, Management, Manpower लेकिन यहां पर आपको इन चीजों की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती आपको सिर्फ दुकान लगानी होती है और पीछे से कंपनी की तरफ से आपको सारे प्रोडक्ट्स मिल जाते हैं।
  • यहां पर आपको एक रेडीमेड बिजनेस मिल जाता है। आपको सिर्फ उसकी बनी बनाई सिस्टम को फॉलो करना होता है।

कंपनी को होने वाले फायदे – ( Franchisor Benefits In Hindi )

  • अपने बिजनेस को बड़ा करने के लिए कंपनी को फ्रेंचाइजी बिजनेस मॉडल का बहुत लाभ होता है क्योंकि इससे वह कंपनी देश और दुनिया के कोने कोने तक पहुंच सकती है।
  • पारंपरिक तरीके से बिजनेस को बड़ा करने के लिए काफी बड़ी लागत और मैन पावर की आवश्यकता होती है लेकिन फ्रेंचाइजी बिजनेस मॉडल का इस्तेमाल करके कंपनी कम लागत में अपने बिजनेस को बड़ा कर सकती है।
  • हर व्यक्ति को अपने स्थानीय मार्केट की अच्छे से जानकारी होती है जैसे कि वहां की संस्कृति क्या है, वहां पर कौन से प्रोडक्ट की ज्यादा डिमांड है, लोगों की खरीदने की क्षमता कैसी है और इन चीजों का कंपनी को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए फायदा होता है।
  • कंपनी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बड़ा मजबूत बन जाता है जिससे वे बड़ी ही आसानी से अपने ग्राहकों तक अपने प्रोडक्ट को पहुंचा सकती है।
  • बिजनेस को सक्सेसफुली चलाने की जिम्मेदारी भी फ्रेंचाइजी लेने वाला व्यक्ति उठाता है।

फ्रैंचाइज़ी बिज़नेस के नुकसान ( Disadvantages of Franchise Business Hindi )

  • एक बड़े कंपनी की तुलना में फ्रेंचाइजी शुरू करने के लिए काफी कम लागत लगती है लेकिन फिर भी यह लागत कई लोगों के लिए बहुत अधिक होती है।
  • फ्रेंचाइजी देने वाली कंपनियों के बहुत सारे नियम होते है और कई बार उन नियमों के वजह से आप अपने बिजनेस से अच्छा प्रॉफिट नहीं कमा पाते। आपको कंपनी के दायरे में रहकर ही सारे काम करने पड़ते हैं।
  • बिजनेस को चलाने की जिम्मेदारी पूरी तरह से आप की होती है कंपनी को इस से कोई मतलब नहीं होता।
  • अगर आपके दिमाग में बिजनेस को बढ़ाने के लिए कोई का आईडिया है तो आप उसे सीधे-सीधे इस्तेमाल नहीं कर सकते बल्कि आपको पहले कंपनी से अनुमति लेनी पड़ती है। आपके बिज़नेस पर कंपनी का नियंत्रण होता है। 
  • कई बार सप्लायर से वक्त पर प्रोडक्ट नहीं मिल पाते इस वजह से आपका नुकसान होता है।

फ्रैंचाइज़ी लेते समय किन बातो का ध्यान रखे  ( Important Tips For Franchise Business In Hindi )

  • किसी भी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने से पहले आपको उस ब्रांड की आपके शहर में या मार्केट में डिमांड है या नहीं यह समझना काफी जरूरी है।
  • क्या उस कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर दूसरे लोग अच्छा पैसा कमा रहे हैं या नहीं यह भी आपको देखना है।
  • फ्रेंचाइजी लेने से पहले कंपनी के नियमों को और शर्तों को अच्छे से समझ ले और franchise agreement को भी ध्यान से पढ़े।
  • कंपनी की Fees का Structure क्या है यह भी अच्छे से समझ ले और आप कितना प्रॉफिट कमा पाएंगे इसका भी सटीक अनुमान निकाले। 
  • फ्रेंचाइजी देने वाला व्यक्ति सच में कंपनी की तरफ से ही आया है या नहीं यह verify कर ले।
  • कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट के सेल के बाद होने वाले लाभ में से कुछ प्रतिशत मांगती है और यहां पर आपको मुनाफा कम होता है।

Conclusion

इस पोस्ट में फ्रैंचाइज़ी  बिज़नेस क्या है ( franchise business kya hai ) ये आप समझ गए होंगे अगर आपके कोई सवाल है तो आप कमेंट करके पूछ सकते है। अगर आप खुदका बिज़नेस शुरू करना चाहते है तो १०० बिज़नेस आईडिया हिंदी में यह पोस्ट पढ़े

FAQ

Q. फ्रेंचाइजी का मतलब क्या होता है?, Franchise Business Meaning In Hindi ?

बिजनेस में फ्रेंचाइजी का मतलब किसी बड़ी कंपनी या Brand का नाम और ट्रेडमार्क इस्तेमाल करके उस कंपनी के प्रोडक्ट और सर्विस को बेचने का Legal अधिकार प्राप्त करना।

Q. कौन सी फ्रेंचाइजी सबसे ज्यादा पैसा कमाती है?

कई बड़ी कंपनी की फ्रैंचाइज़ी है जो सबसे ज्यादा पैसे कमाती है जैसे की Patanjali, Archies, KFC, Amul, Dominos

Q. फ्रेंचाइजी व्यवसाय कैसे शुरू करें?

फ्रैंचाइज़ी शुरू करने के लिए सबसे पहले आपकी इन्वेस्टमेंट करने की क्षमता को समझे और फिर उस लागत क्षमता के अनुसार एक अच्छी कंपनी को ढूंढे, फिर उस कंपनी से संपर्क करके उनकी वेबसाइट पर जाकर नियम और शर्तें समझ ले। उनसे संपर्क करने के बाद फ्रेंचाइजी लेने की प्रोसेस आपको समझाई जाएगी और फिर आप फ्रेंचाइजी के लिए अप्लाई कर सकते हैं और उस कंपनी की फ्रेंचाइजी ले सकते हैं।

Q. फ्रेंचाइजी बिजनेस क्या है?

फ्रैंचाइज़ी यानि के आपको किसी बड़ी कंपनी या Brand का नाम इस्तेमाल करके उनके प्रोडक्ट्स को मार्केट में बेचने की अनुमति मिलती है जैसे के आपने Amul के आइसक्रीम पार्लर देखे होंगे।

Q. किसी कंपनी की फ्रेंचाइजी कैसे ले?

उस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर या उनसे फ़ोन कॉल के जरिये संपर्क करके फ्रैंचाइज़ी लेने की प्रोसेस समझ ले, जरूरी Requirements को पूरा करे और फ्रैंचाइज़ी के लिए अप्लाई करे. फिर आपको फ्रैंचाइज़ी मिल जाएगी।

Q. फ्रेंचाइजी लेने के लिए क्या करना पड़ता है?

फ्रेंचाइजी शुरू करने के लिए आपको जिस भी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेनी है उस कंपनी से संपर्क करना होगा और फ्रेंड फ्रेंचाइजी लेने की प्रोसेस और अन्य जानकारी प्राप्त करनी होगी।

Q. फ्रेंचाइजी लेने से क्या फायदा होता है?

फ्रैंचाइज़ी लेने से आपको उस Brand के नाम का फायदा मिलता है। अगर आप खुप कोई Brand शुरू करते हो तो उसे बड़ा करने के लिए काफी समय और पैसा लगता है लेकिन फ्रैंचाइज़ी लेकर एक बने बनाये Brand का आप फायदा उठा सकते है।

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Swapnil Shinde

Big Mastery के Founder और सी CEO। स्वप्निल शिंदे Ecommerce, Education, Content Creation, Hosting जैसे कई बिजनेस में काम कर रहे हैं।

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